मुलाकात

मिल, खुल के मिल, फिक्र मत कर,
मुलाकात का कहीं जिक्र मत कर,
जो भी है दरमीयाँ, कोई नाम ना दे
दुनिया पे छोड, खुद इल्जाम ना दे !

– रुपेश घागी

(२९ मई, २०१९)

(Photo Credit: www.pixabay.com)

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